फूल और काँटा

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CLASS VII Hindi Ch 3 of 10
फूल और काँटा

Class 7 · Hindi · NCERT chapter notes · Akanksha Classes

सारांश

यह कविता कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध की प्रसिद्ध रचना है। इसमें एक ही पौधे पर उगने वाले फूल और काँटे की तुलना की गई है। काँटा सबको चुभता है और कष्ट देता है, जबकि फूल सबको सुगंध और सुंदरता प्रदान करता है। कवि कहते हैं कि एक ही स्थान पर रहकर भी दोनों का स्वभाव अलग-अलग होता है। इसी प्रकार ऊँचे कुल में जन्म लेना बड़ा नहीं होता, बल्कि मनुष्य अपने अच्छे गुणों और व्यवहार से ही महान बनता है।

मुख्य बिंदु

  • फूल और काँटे के स्वभाव की तुलना।
  • कुल नहीं, गुण महान बनाते हैं।
  • अच्छे आचरण का महत्व।
  • कवि हरिऔध की भावपूर्ण रचना।

महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. फूल और काँटे में क्या अंतर है?
  2. कवि किस बात पर बल देते हैं?
  3. इस कविता से क्या संदेश मिलता है?

शब्दार्थ

काँटा = शूल, सुगंध = खुशबू, कुल = वंश, आचरण = व्यवहार।

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