पानी रे पानी

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CLASS VII Hindi ~5 अंक Ch 4 of 10
पानी रे पानी

Class 7 · Hindi · NCERT chapter notes · Akanksha Classes

एक नज़र में
  • पाठ का प्रकार: सूचनात्मक / पर्यावरण-जागरूकता निबंध (Informative Essay) — जल के महत्व पर आधारित।
  • विषय: जल जीवन का आधार है; जल-संकट, जल-संरक्षण एवं जल की बर्बादी रोकने का संदेश।
  • केंद्रीय भाव: “जल ही जीवन है” — पानी को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
  • मुख्य बिंदु: जल के उपयोग, जल-चक्र, पानी की कमी के कारण, और जल-संरक्षण के उपाय।
  • शिक्षा: पानी की एक-एक बूँद कीमती है; इसे व्यर्थ न गँवाएँ और वर्षा-जल संचय करें।
  • भाषा: सरल, सूचनात्मक एवं प्रेरक हिंदी।
  • परीक्षा भार: ~5 अंक — जल का महत्व, संरक्षण के उपाय एवं शब्दार्थ के प्रश्न।
  • पाठ्यपुस्तक: NCERT मल्हार, कक्षा 7, चतुर्थ अध्याय।
विस्तृत नोट्स

1. पाठ का परिचय

“पानी रे पानी” एक सूचनात्मक एवं पर्यावरण-जागरूकता से भरा पाठ है, जो हमें जल के महत्व और जल-संरक्षण की आवश्यकता के प्रति सचेत करता है। पानी हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। इसके बिना मनुष्य, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे — कोई भी जीवित नहीं रह सकता। इसीलिए कहा गया है — “जल ही जीवन है।”

यह पाठ बताता है कि यद्यपि पृथ्वी का अधिकांश भाग पानी से ढका है, फिर भी पीने योग्य स्वच्छ जल बहुत सीमित है। बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण और पानी की बर्बादी के कारण आज दुनिया के अनेक भागों में जल-संकट गहराता जा रहा है। पाठ का उद्देश्य है — पानी की कीमत समझाना और उसे बचाने के लिए प्रेरित करना।

मुख्य विचार: पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का बहुत थोड़ा हिस्सा ही पीने योग्य है — इसलिए जल की एक-एक बूँद अमूल्य है।

2. जल का महत्व

जल हमारे जीवन में अनेक प्रकार से आवश्यक है। इसके बिना किसी भी प्राणी का जीवन संभव नहीं।

  • पीने के लिए: शरीर को स्वस्थ रखने और जीवित रहने के लिए स्वच्छ पानी पीना आवश्यक है।
  • खाना पकाने एवं सफाई के लिए: भोजन बनाना, बर्तन धोना, नहाना, कपड़े धोना — सब में पानी चाहिए।
  • खेती के लिए: फसल उगाने में सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है; सिंचाई के बिना अन्न नहीं उगता।
  • पशु-पक्षी एवं वनस्पति: सभी जीव-जंतु एवं पेड़-पौधे जल पर निर्भर हैं।
  • उद्योग एवं बिजली: कारखानों में और जलविद्युत (पनबिजली) बनाने में भी पानी का प्रयोग होता है।

इस प्रकार जल केवल पीने तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जीवन-चक्र का आधार है।

3. जल-चक्र (Water Cycle)

प्रकृति में जल एक निश्चित चक्र में घूमता रहता है, जिसे जल-चक्र कहते हैं। सूर्य की गर्मी से समुद्र, नदी एवं तालाबों का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है। यह वाष्प आकाश में ठंडी होकर बादल बनती है। बादल जब और ठंडे होते हैं, तो वर्षा के रूप में पानी फिर धरती पर गिरता है। यह वर्षा-जल नदियों एवं तालाबों में जमा होता है और कुछ भाग जमीन के भीतर जाकर भूजल बन जाता है। इसी प्रकार जल का यह चक्र निरंतर चलता रहता है।

जल-चक्र के चरण: वाष्पीकरण → संघनन (बादल बनना) → वर्षा → पानी का नदी-तालाब-भूमि में जमा होना → फिर वाष्पीकरण।

4. जल-संकट के कारण

आज अनेक स्थानों पर पानी की भारी कमी हो रही है। इसके प्रमुख कारण हैं —

  • बढ़ती जनसंख्या: लोगों की संख्या बढ़ने से पानी की माँग भी बढ़ती जा रही है।
  • पानी की बर्बादी: नल खुला छोड़ना, टंकी भर जाने देना, और लापरवाही से पानी व्यर्थ बहाना।
  • जल-प्रदूषण: कारखानों का गंदा पानी एवं कूड़ा-कचरा नदियों में मिलने से जल दूषित हो जाता है।
  • वनों की कटाई: पेड़ कम होने से वर्षा कम होती है और भूजल का स्तर गिर जाता है।
  • भूजल का अधिक दोहन: ट्यूबवेल से जरूरत से ज्यादा पानी निकालने से जमीन का पानी घट रहा है।

इन कारणों से अनेक नगरों एवं गाँवों में लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

5. जल-संरक्षण के उपाय

जल को बचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हम निम्नलिखित उपायों से जल का संरक्षण कर सकते हैं —

  • पानी व्यर्थ न बहाएँ: ब्रश करते, बर्तन धोते या नहाते समय नल बंद रखें; आवश्यकता से अधिक पानी न लें।
  • वर्षा-जल संचय (Rainwater Harvesting): छत एवं आँगन के वर्षा-जल को टंकी या जमीन में संचित करें।
  • नदियों एवं तालाबों को स्वच्छ रखें: उनमें कूड़ा एवं गंदगी न डालें।
  • पेड़ लगाएँ: अधिक पेड़ अच्छी वर्षा एवं भूजल बनाए रखने में सहायक हैं।
  • टपकते नल ठीक करें: टूटे नल एवं पाइप से बहता पानी तुरंत रोकें।
  • जागरूकता फैलाएँ: लोगों को पानी बचाने का महत्व समझाएँ।
नारा: “पानी बचाओ, जीवन बचाओ” — जल की एक-एक बूँद कीमती है, उसे बचाना हम सबका कर्तव्य है।

6. पाठ का संदेश

पाठ का मुख्य संदेश है कि जल अमूल्य है और सीमित है। यदि हमने अभी इसे बचाने की आदत नहीं डाली, तो भविष्य में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए हमें पानी की बर्बादी रोकनी चाहिए, वर्षा-जल का संचय करना चाहिए और जल-स्रोतों को स्वच्छ रखना चाहिए। पानी बचाना केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। बच्चों को भी छोटी-छोटी आदतों से जल-संरक्षण में योगदान देना चाहिए।

7. कठिन शब्द और उनके अर्थ

शब्द अर्थ
जल-संकटपानी की कमी / अभाव
जल-संरक्षणपानी को बचाना / सुरक्षित रखना
वाष्पीकरणपानी का गर्मी से भाप बनना
संघननवाष्प का ठंडा होकर बादल / बूँद बनना
भूजलजमीन के भीतर का पानी
सिंचाईखेतों को पानी देना
प्रदूषणगंदगी / दूषित होना
दोहनअधिक मात्रा में निकालना / उपयोग करना
अमूल्यबहुत कीमती / जिसका मूल्य न आँका जा सके
वर्षा-जल संचयबारिश के पानी को इकट्ठा करना
संसाधनउपयोगी प्राकृतिक वस्तु / स्रोत
बर्बादीव्यर्थ नष्ट करना / फिजूलखर्ची

8. महत्वपूर्ण प्रश्न (उत्तर सहित)

प्रश्न 1. “जल ही जीवन है” — यह कथन क्यों कहा गया है?

उत्तर: जल ही जीवन है, क्योंकि पानी के बिना किसी भी प्राणी का जीवन संभव नहीं। मनुष्य, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे — सभी को जीवित रहने के लिए जल चाहिए। पीने, खाना पकाने, सफाई, खेती और उद्योग — हर जगह पानी आवश्यक है। इसीलिए पानी को जीवन का आधार माना गया है और कहा जाता है “जल ही जीवन है”।

प्रश्न 2. जल-चक्र क्या है? संक्षेप में समझाइए।

उत्तर: प्रकृति में जल के लगातार घूमते रहने की प्रक्रिया को जल-चक्र कहते हैं। सूर्य की गर्मी से समुद्र-नदियों का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है, जो ठंडा होकर बादल बनता है। बादलों से वर्षा होती है और पानी फिर धरती पर आ जाता है, जो नदियों-तालाबों में जमा होता है और कुछ भूजल बन जाता है। यह चक्र निरंतर चलता रहता है।

प्रश्न 3. जल-संकट के मुख्य कारण क्या हैं?

उत्तर: जल-संकट के मुख्य कारण हैं — (i) बढ़ती जनसंख्या से पानी की माँग में वृद्धि, (ii) पानी की बर्बादी एवं लापरवाही, (iii) कारखानों एवं कचरे से जल-प्रदूषण, (iv) वनों की कटाई से कम वर्षा, और (v) भूजल का अधिक दोहन। इन कारणों से अनेक स्थानों पर पीने के पानी की भी कमी हो रही है।

प्रश्न 4. जल-संरक्षण के कोई चार उपाय लिखिए।

उत्तर: (i) नल खुला न छोड़ें और पानी व्यर्थ न बहाएँ; (ii) वर्षा-जल का संचय (rainwater harvesting) करें; (iii) नदियों-तालाबों को स्वच्छ रखें एवं उनमें कचरा न डालें; (iv) अधिक पेड़ लगाएँ ताकि वर्षा एवं भूजल बना रहे। साथ ही टपकते नल तुरंत ठीक करें और लोगों में जागरूकता फैलाएँ।

प्रश्न 5. वर्षा-जल संचय क्यों आवश्यक है?

उत्तर: वर्षा-जल संचय इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे बारिश का पानी व्यर्थ बहने के बजाय इकट्ठा हो जाता है, जिसे बाद में उपयोग किया जा सकता है। इससे भूजल का स्तर बढ़ता है और सूखे के समय पानी की कमी से बचा जा सकता है। यह जल-संकट से निपटने का सरल एवं प्रभावी उपाय है।

अभ्यास प्रश्न (बहुविकल्पीय)
1. “पानी रे पानी” पाठ किस विषय पर आधारित है?
  1. युद्ध
  2. जल का महत्व एवं जल-संरक्षण
  3. खेल
  4. त्योहार
उत्तर: (B) जल का महत्व एवं जल-संरक्षण पर आधारित।
2. “जल ही ___ है” — रिक्त स्थान भरिए।
  1. धन
  2. जीवन
  3. शक्ति
  4. भोजन
उत्तर: (B) जीवन — “जल ही जीवन है”।
3. पृथ्वी पर पीने योग्य स्वच्छ जल कितना है?
  1. बहुत अधिक
  2. बहुत सीमित / थोड़ा
  3. असीमित
  4. आधा
उत्तर: (B) बहुत सीमित — इसीलिए इसे बचाना जरूरी है।
4. सूर्य की गर्मी से पानी क्या बनता है?
  1. बर्फ
  2. वाष्प (भाप)
  3. पत्थर
  4. मिट्टी
उत्तर: (B) वाष्प — जो ऊपर उठकर बादल बनती है।
5. जल-चक्र में बादलों से क्या होता है?
  1. आँधी
  2. वर्षा
  3. भूकंप
  4. सूखा
उत्तर: (B) वर्षा — बादल ठंडे होकर बरसते हैं।
6. जमीन के भीतर के पानी को क्या कहते हैं?
  1. समुद्र-जल
  2. भूजल
  3. वर्षा-जल
  4. नदी-जल
उत्तर: (B) भूजल — जमीन के नीचे संचित पानी।
7. खेती में सबसे अधिक किसकी आवश्यकता होती है?
  1. बिजली
  2. पानी (सिंचाई)
  3. पत्थर
  4. लोहे
उत्तर: (B) पानी — सिंचाई के बिना फसल नहीं उगती।
8. निम्न में से जल-संकट का कारण कौन-सा है?
  1. वर्षा-जल संचय
  2. पानी की बर्बादी एवं प्रदूषण
  3. पेड़ लगाना
  4. नल बंद रखना
उत्तर: (B) पानी की बर्बादी एवं प्रदूषण।
9. “वर्षा-जल संचय” का अर्थ है —
  1. पानी बहा देना
  2. बारिश के पानी को इकट्ठा करना
  3. पानी गंदा करना
  4. नल खुला रखना
उत्तर: (B) बारिश के पानी को इकट्ठा करना।
10. वनों की कटाई का जल पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  1. वर्षा बढ़ती है
  2. वर्षा कम होती है एवं भूजल घटता है
  3. कोई प्रभाव नहीं
  4. पानी साफ होता है
उत्तर: (B) वर्षा कम होती है और भूजल का स्तर गिर जाता है।
11. जल-प्रदूषण किससे होता है?
  1. पेड़ लगाने से
  2. कारखानों के गंदे पानी एवं कचरे से
  3. वर्षा से
  4. नल बंद करने से
उत्तर: (B) कारखानों के गंदे पानी एवं कूड़े-कचरे से।
12. पानी बचाने का सही तरीका कौन-सा है?
  1. नल खुला छोड़ना
  2. ब्रश करते समय नल बंद रखना
  3. पानी बहाते रहना
  4. टपकता नल अनदेखा करना
उत्तर: (B) ब्रश करते समय नल बंद रखना।
13. “अमूल्य” शब्द का अर्थ है —
  1. सस्ता
  2. बहुत कीमती
  3. बेकार
  4. गंदा
उत्तर: (B) बहुत कीमती / जिसका मूल्य न आँका जा सके।
14. अधिक पेड़ लगाने से क्या लाभ होता है?
  1. वर्षा कम होती है
  2. अच्छी वर्षा होती है एवं भूजल बना रहता है
  3. पानी गंदा होता है
  4. कोई लाभ नहीं
उत्तर: (B) अच्छी वर्षा होती है और भूजल का स्तर बना रहता है।
15. पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  1. पानी असीमित है
  2. जल अमूल्य है, इसे बचाना हम सबका कर्तव्य है
  3. पानी बर्बाद करो
  4. पानी की जरूरत नहीं
उत्तर: (B) जल अमूल्य एवं सीमित है, इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
महत्वपूर्ण प्रश्न
Q1. जल का हमारे जीवन में क्या महत्व है? विस्तार से लिखिए। (5 अंक)
उत्तर: जल हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, इसीलिए कहा जाता है “जल ही जीवन है”। पानी के बिना मनुष्य, पशु-पक्षी एवं पेड़-पौधे जीवित नहीं रह सकते। हमें पीने, खाना पकाने, नहाने, कपड़े-बर्तन धोने और सफाई के लिए पानी चाहिए। खेती में सिंचाई के लिए सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। उद्योगों और जलविद्युत (पनबिजली) बनाने में भी जल का उपयोग होता है। इस प्रकार जल पूरे जीवन-चक्र का आधार है। इसके बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
Q2. जल-संकट के कारण लिखिए। (3 अंक)
उत्तर: जल-संकट के प्रमुख कारण हैं — बढ़ती जनसंख्या से पानी की माँग में वृद्धि, पानी की लापरवाही से बर्बादी, कारखानों एवं कचरे से जल-प्रदूषण, वनों की कटाई से कम वर्षा, तथा ट्यूबवेल से भूजल का अधिक दोहन। इन कारणों से अनेक स्थानों पर पीने के पानी की भी कमी होती जा रही है।
Q3. जल-संरक्षण के उपाय विस्तार से बताइए। (4 अंक)
उत्तर: जल-संरक्षण के लिए हमें — (i) पानी व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए, ब्रश करते एवं नहाते समय नल बंद रखना चाहिए; (ii) वर्षा-जल संचय (rainwater harvesting) करना चाहिए; (iii) नदियों-तालाबों को स्वच्छ रखना चाहिए; (iv) अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि वर्षा एवं भूजल बना रहे; (v) टपकते नल तुरंत ठीक करने चाहिए; और (vi) लोगों में जल बचाने की जागरूकता फैलानी चाहिए। ये उपाय अपनाकर हम भविष्य के जल-संकट से बच सकते हैं।
Q4. जल-चक्र की प्रक्रिया समझाइए। (3 अंक)
उत्तर: जल-चक्र प्रकृति में पानी के लगातार घूमते रहने की प्रक्रिया है। सूर्य की गर्मी से समुद्र-नदियों का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है। यह वाष्प ठंडी होकर बादल बनती है और बादलों से वर्षा होती है। वर्षा का पानी नदियों-तालाबों में जमा होता है तथा कुछ भाग भूजल बन जाता है। फिर यही पानी वाष्प बनकर चक्र को दोहराता है।
Q5. “पानी बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है” — इस कथन पर अपने विचार लिखिए। (4 अंक)
उत्तर: पानी सीमित एवं अमूल्य संसाधन है, इसलिए इसे बचाना केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि हम आज पानी की बर्बादी नहीं रोकेंगे, तो भविष्य में गंभीर जल-संकट खड़ा हो जाएगा। हम छोटी-छोटी आदतों जैसे नल बंद रखना, वर्षा-जल संचय करना और जल-स्रोतों को स्वच्छ रखना अपनाकर पानी बचा सकते हैं। बच्चे भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पानी बचाकर ही हम अपना और आने वाली पीढ़ियों का जीवन सुरक्षित रख सकते हैं।
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